कोरबा/तिलकेजा- कोरबा जिले के जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलकेजा से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहां ग्रामीणों ने मनरेगा और आवास योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो से तीन वर्षों में आवास योजना के तहत जिन हितग्राहियों ने अपने मकान पूर्ण कर लिए हैं, उन्हें आज तक मनरेगा का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान के लिए बार-बार पूछने पर रोजगार सहायक द्वारा केवल “आएगा-आएगा” कहकर टाल दिया जाता है।
इतना ही नहीं, गांव के लोगों ने रोजगार सहायिका ज्योति जायसवाल पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और मजदूरों के हक का पैसा अटका हुआ है।
वहीं एक अन्य गंभीर मामला तालाब गहरीकरण कार्य से जुड़ा है, जिसमें ग्रामीणों ने अनियमितता की बात कही है। आरोप है कि कार्य सही तरीके से नहीं हुआ, लेकिन अब तक किसी प्रकार की जांच नहीं की गई।
सबसे बड़ा खुलासा आवास योजना को लेकर हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक कई ऐसे मकान हैं जो अभी अधूरे हैं, लेकिन उनके नाम पर तीनों किस्त जारी कर दी गई है। इतना ही नहीं, जियो टैगिंग में भी गड़बड़ी सामने आई है, जहां अलग-अलग व्यक्तियों के फोटो अपलोड कर मकान पूर्ण दिखाकर भुगतान कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की अगर निष्पक्ष जांच कराती है तो, सच्चाई सबके आऐगी और दोषियों पर कार्रवाई हो सकेगी, तब ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का मिल पाएगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच करेगा, या फिर ग्रामीणों को यूं ही अपने हक के लिए भटकना पड़ेगा।
अगर जांच होती है, तो ग्राम पंचायत तिलकेजा में हुए कथित भ्रष्टाचार की पूरी परतें खुलकर सामने आ सकती हैं।

Kothari m bhi hothe
Moro paisa nai mile he