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कोरबा। जिले में 11 अप्रैल 2026 को पुलिस विभाग में किए गए तबादलों के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें और सवाल दोनों सामने आ रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक कोरबा द्वारा जारी आदेश के तहत निरीक्षक पद की जिम्मेदारी संभाल रहे उपनिरीक्षकों का स्थानांतरण किया गया, जिसमें उरगा थाना के तत्कालीन प्रभारी राजेश तिवारी को सीएसईबी पुलिस चौकी भेजा गया है, जबकि सिविल लाइन रामपुर के प्रभारी नवीन पटेल को उरगा थाना की कमान सौंपी गई है।

उरगा थाना क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान चोरी की घटनाओं में लगातार इजाफा देखने को मिला था। राजेश तिवारी के कार्यकाल में क्षेत्र के कई गांवों—छातापाठ, तुमान, फरसवानी, मड़वारानी, सरगबुंदिया सहित अन्य जगहों पर अज्ञात चोरों ने वारदातों को अंजाम दिया। इन घटनाओं का खुलासा अब तक नहीं हो सका है, जिससे आम जनता में असंतोष और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

इन घटनाओं में सबसे चर्चित मामला क्षेत्र के समाजसेवी और रक्तदानी निस्वार्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष राकेश श्रीवास के घर हुई चोरी का रहा, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। बावजूद इसके, पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है।

हालांकि, राजेश तिवारी के कार्यकाल में कुछ सकारात्मक पहल भी देखने को मिली थी। उनके उरगा आगमन होते ही ग्राम पंचायत देवलापाठ अंतर्गत मैनपारा सहित आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय अवैध महुआ शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया था, जिसे बड़ी कार्रवाई माना गया। लेकिन अब फिर से सिंडिकेट सक्रिय हो गया है।

अब जब नवीन पटेल ने उरगा थाना का कार्यभार संभाल लिया है, तो क्षेत्रवासियों की नजरें उनके कामकाज पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नए थाना प्रभारी पुराने लंबित चोरी के मामलों का खुलासा कर पाएंगे या ये फाइलें भी ठंडे बस्ते में चली जाएंगी।

फिलहाल, जनता को उम्मीद है कि नए नेतृत्व में पुलिस सक्रियता दिखाएगी और क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा

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