“विशेश्वर मिरी” का नाम आया सामने, जांच में बड़ा खुलासा संभव
कोरबा। जिले के करतला थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध कोयला परिवहन का खेल फिर तेज होता नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस बार बड़े वाहनों की जगह मोटरसाइकिल और साइकिलों के जरिए कोयले की ढुलाई की जा रही है, जिससे कार्रवाई से बचने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह कोयला क्षेत्र में संचालित ईंट भट्टों तक पहुंचाया जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि जिन भट्टों में यह कोयला खपाया जा रहा है, वे वैध हैं या फिर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। यदि भट्टे अवैध हैं, तो यह पूरा नेटवर्क प्रशासन की नजरों से कैसे बचा हुआ है?
मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बेंदरकोना निवासी एक व्यक्ति, जो कथित तौर पर कोयला परिवहन कर रहा था, उसने करतला पुलिस के एक स्टाफ से “विशेश्वर मिरी” नामक व्यक्ति से बात कराने की बात कही।
अब यह “विशेश्वर मिरी” कौन है, इसका इस पूरे मामले से क्या संबंध है—यह जांच का विषय बन गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
अब देखना यह होगा कि पुलिस और खनिज विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और “कोयले के इस काले खेल” में शामिल असली चेहरों को बेनकाब कर पाते हैं या नहीं।
