जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक शुक्रवार को सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह की अध्यक्षता में हुई।
अध्यक्ष ने अफसरों से पूछा कि पताढ़ी में भू-अर्जन नियम लागू बताकर पीएम आवास बनाने नहीं दिया जा रहा है, फिर 25-25 लाख से महतारी सदन और पानी टंकी कैसे बनी। इस पर अफसरों गलती से निर्माण होने की बात कही।जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि यह सीधे तौर पर सरकारी पैसे की बर्बादी है। ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने छूट दी गई होगी।
वन विभाग की समीक्षा करते हुए सदस्यों ने निर्माण कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को नहीं देने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा की कैंपा के साथ ही अन्य योजनाओं का निर्माण जंगल में होता है। इसे बताने में क्या तकलीफ है। तालाब, पौधरोपण, सड़क के कार्य भी होते हैं।
इस संबंध में जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी होनी चाहिए।पीडब्ल्यूडी की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष में कोरिया जिले की सीमा छिंदिया में आधा किमी सड़क निर्माण अधूरा होने का मामला उठाया है। उन्होंने कहा कि अधूरे काम होने पर भी काम पूरा होना बता दिया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने कहा कि इसे मैं दिखवा लेता हूं। पीएचई के ईई ने बताया कि वित्तीय वर्ष में 90 बोर खनन की मंजूरी मिली थी। इसे सदस्यों ने अपर्याप्त बताया। शासन को 3 हजार बोर खनन की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का काम अधूरा है। ऐसे में लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक भवन में स्कूल का संचालन, भवन ही नहीं जिला पंचायत अध्यक्ष में कटघोरा ब्लॉक के कसरेंगा में स्कूल भवन नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि यहां यादव सामुदायिक भवन में स्कूल का संचालन हो रहा है। अधिकारियों ने भवन का प्रस्ताव क्यों नहीं दिया। इससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कई जगह दो भवन बन गए। यहां एक भी नहीं बना।
