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कोरबा जिले के जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलकेजा से भ्रष्टाचार और लापरवाही की बड़ी खबर सामने आई है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े हितग्राही मनरेगा भुगतान के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

ग्रामीण लखन लाल यादव ने बताया कि वर्ष 2024 में उनके नाम पर आवास स्वीकृत हुआ था। उन्होंने मकान निर्माण पूरा भी करा लिया, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ। आरोप है कि गांव की रोजगार सहायक ज्योति जायसवाल लगातार सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टाल रही हैं।

वहीं ग्रामीण सीरिस कर्ष ने भी आरोप लगाया कि उन्हें भी मनरेगा के तहत आज तक कोई भुगतान नहीं मिला और उन्हें लगातार घुमाया जा रहा है।

इधर गांव में तालाब गहरीकरण कार्य को लेकर भी गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले वहां सूचना पटल लगाया गया था, लेकिन बाद में उसे तोड़कर गायब कर दिया गया। आरोप है कि तालाब की खुदाई केवल नाम मात्र के लिए हुई और पूरी राशि हजम कर ली गई।

ग्रामीण बंसीलाल ने बताया कि पहले भी उन्होंने मनरेगा में काम किया था, लेकिन भुगतान नहीं मिला। इसी वजह से उन्होंने तालाब गहरीकरण कार्य में हिस्सा नहीं लिया।

जब इस मामले में ग्राम पंचायत तिलकेजा के सरपंच तेरस देव मुरत से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बाइट देने से इनकार कर दिया और इसे अपने कार्यकाल का मामला नहीं बताते हुए पल्ला झाड़ लिया।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कराएगा? क्या हितग्राहियों को उनका हक का पैसा मिलेगा? और क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी? अब निगाहें कोरबा प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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