कोरबा जिले के करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत दमखांचा से सुशासन के दावों को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है…
जहां गरीबों को मिलने वाला राशन अब संघर्ष का विषय बन चुका है…
ग्रामीण राशन वितरण में भारी गड़बड़ी, सरपंच-सचिव की मनमानी और पत्रकारों से बदसलूकी के आरोप लगा रहे हैं…
ये तस्वीरें हैं कोरबा जिले के ग्राम पंचायत दमखांचा की… जहां ग्रामीणों का आरोप है कि महीनों से शक्कर और चना नहीं मिला… चावल भी समय पर नहीं दिया जा रहा…
पहले फिंगरप्रिंट लिया जाता है और राशन कई दिन बाद दिया जाता है…ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आवेदन देने के बावजूद राशन कार्ड नहीं बना… जिससे गरीब परिवार योजनाओं से वंचित हैं…
पंचायत के निवासी होने के बावजूद लोगों को दूसरे गांवों से राशन कार्ड बनवाने की नौबत आ रही है…जब इन शिकायतों की जानकारी लेने पत्रकार गांव पहुंचे…
तो आरोप है कि सरपंच और सचिव ने जवाब देने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी… महिला पत्रकार से भी बदसलूकी की गई…ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव शराब के नशे में पंचायत आता है… और उसी हालत में काम करता है…
समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है…चुनाव के समय आश्रित ग्रामों में चावल पहुंचाकर वितरण का वादा किया गया था… लेकिन अब ग्रामीणों का कहना है कि वादे सिर्फ चुनाव तक सीमित रहे…
एक तरफ सरकार सुशासन की बात कर रही है… दूसरी तरफ दमखांचा पंचायत में गरीबों का हक दबाया जा रहा है… अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है…।
