कोरबा जिले के विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरेना में इन दिनों मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत बन रही सीसी सड़क और नाली निर्माण कार्य विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही का उदाहरण बताया है।
बोर्ड में उल्लेख के अनुसार, पैकेज नंबर-25 के अंतर्गत “सीसी सड़क सह नाली निर्माण बीच गली हीरा सागर की ओर” नाम से यह कार्य कराया जा रहा है। इस सड़क की कुल लंबाई लगभग 0.25 किलोमीटर है, जिसकी लागत 21.02 लाख रुपए निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य की शुरुआत 8 दिसंबर 2025 को हुई थी और इसकी पूर्णता तिथि 7 मई 2026 तय की गई है।
इस परियोजना का निर्माण कार्य मेसर्स मनोज कुमार पाण्डेय, कोरबा द्वारा किया जा रहा है, जबकि कार्य की देखरेख कार्यपालन अभियंता सी.बी.एस. तवर (छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, कोरबा) के जिम्मे है। यह पूरा कार्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ के अंतर्गत कराया जा रहा है।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप
गांव के लोगों का कहना है कि सड़क और नाली निर्माण में भारी अनियमितता बरती जा रही है।
नाली निर्माण में मानक के अनुरूप मसाले का उपयोग नहीं किया जा रहा हैकई स्थानों पर सीसी रोड के साइड साइड में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं
ग्रामीणों के अनुसार, एक बोरी सीमेंट में 10-12 घमेला रेत मिलाया जा रहा है, जो गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता हैग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए बाध्य होंगे।
योजना के नाम पर मजाक” –
ग्रामीणों का गुस्साग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना के नाम पर उनके साथ मजाक किया जा रहा है। उनका कहना है कि नाली निर्माण कार्य अभी से खराब स्थिति में है और भविष्य में यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो सकती है।
प्रशासन पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा किकोरबा कलेक्टर द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर निरीक्षण नहीं होता।
इसी का नतीजा है कि ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं और शासन के पैसों का दुरुपयोग हो रहा है।
जांच की मांग तेजग्रामवासियों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो निर्माण में हुई लापरवाही और भ्रष्टाचार उजागर हो जाएगा।“
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
