कोरबा, अडानी पावर प्लांट में श्रमिकों ने प्रबंधन के कथित तानाशाही रवैए के खिलाफ काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार करीब 5 हजार से अधिक श्रमिक एकजुट होकर 12 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठ गए हैं। श्रमिकों की मुख्य मांग 8 घंटे की ड्यूटी और उससे अधिक काम पर ओवरटाइम (ओटी) देने की है।
बताया जा रहा है कि प्लांट में काम करने वाले मजदूर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के समक्ष आवाज उठा रहे थे, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण अब उन्होंने सामूहिक रूप से काम बंद करने का निर्णय लिया।
खास बात यह है कि बिना किसी श्रमिक संगठन के मजदूरों द्वारा किया गया यह आंदोलन पहली बार किसी पावर प्लांट में देखने को मिल रहा है, जिससे प्रबंधन भी दबाव में नजर आ रहा है।
हड़ताल के चलते प्लांट का कामकाज प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर प्रबंधन श्रमिकों को मनाने के लिए लगातार बातचीत और मान-मनौवल में लगा हुआ है ताकि स्थिति को जल्द सामान्य किया जा सके।
गौरतलब है कि प्लांट के विस्तार को लेकर कुछ दिन पहले जनसुनवाई भी आयोजित की गई थी, जिसकी चर्चा और विरोध अभी थमा नहीं था कि अब श्रमिकों ने हड़ताल शुरू कर दी है। ऐसे में यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
