कोरबा। जिले के रजगामार चौकी अंतर्गत करुमोहा गांव में पंचायत राजनीति ने अचानक उग्र रूप ले लिया है। सरपंच के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को उस समय रद्द करना पड़ा, जब पंचों के लापता होने की खबर से गांव में सनसनी फैल गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
अविश्वास प्रस्ताव पर लगी रोक
करुमोहा पंचायत में सरपंच कविता खांडे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर बुधवार को मतदान होना था। इसके लिए प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंची थी।हालात को देखते हुए भैसमा तहसीलदार के. के. लहरे ने तत्काल प्रभाव से मतदान प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया।
अपहरण के आरोप से बढ़ा विवाद
गांव के वार्ड क्रमांक 10 के पंच नेमा पैकरा ने आरोप लगाया है कि सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद से ही पंचों पर दबाव बनाया जा रहा था।
परिजनों ने सरपंच और उनके सहयोगियों पर अपहरण का आरोप लगाया है, जिससे गांव में आक्रोश और भय का माहौल बन गया है।
16 मार्च से लापता महिला पंच
लापता महिला पंच निर्मला बाई के परिवार ने बताया कि वह 16 मार्च को अपने परिवार के साथ देवी दर्शन के लिए निकली थीं, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं है। परिवार का कहना है कि उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं है, जिससे संपर्क संभव नहीं हो पा रहा है। इस मामले में पहले ही पुलिस को सूचना दी जा चुकी है।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल गांव पहुंची। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
आगे क्या होगा?
तहसीलदार के. के. लहरे ने बताया कि पंचों द्वारा दिए गए आवेदन और अपहरण की शिकायत को ध्यान में रखते हुए अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। अब इस पूरे मामले में आगे का निर्णय उच्च अधिकारियों द्वारा लिया जाएगा।
लोकतंत्र पर सवाल
करुमोहा की यह घटना पंचायत स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो निष्पक्ष मतदान की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
फिलहाल, पूरा गांव तनाव के साये में है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
